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यूपी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: 50% अनुदान दे रही सरकार

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नंदनी कृषक समृधि योजना 2024:-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश में नंदिनी कृषक समृद्धि योजना लॉन्च की गई है। गोवंशीय पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए इस योजना को गोरखपुर समेत प्रदेश के 10 जिलों में शुरू किया जा रहा है। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना तहत 25 गायों की डेयरी खोलने पर योगी सरकार 31 लाख रुपए की सब्सिडी देगी।

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से 25 दुधारू गायों की एक इकाई की स्थापना लागत 62,50,000 रुपए निर्धारित की गई है। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी जो अधिकतम 31,25,000 रुपए दी जाएगी।

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नंदिनी कृषक समृद्धि योजना क्या है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की मंशा के अनुरूप गोवंशीय पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए गोरखपुर में “नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” लांच की गई है। किसानों और पशुपालकों को नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 गायों की डेयरी यूनिट खोलने पर योगी सरकार 31 लाख रुपए की सब्सिडी देगी। फिलहाल इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य के गोरखपुर समेत 10 जिलों में शुरू किया जा रहा है।

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इसकी तैयारी शुरू हो गई है। योजना के तहत बरेली जिले में पशुपालकों को अनुदान देकर चार डेयरी यूनिट खोली जाएगी। जिसकी मंजूरी योगी सरकार ने दे दी है। सरकार का दावा है कि 50 प्रतिशत सब्सिडी वाली इस योजना से प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ने के साथ उन्नत नस्ल वाले पशुधन का संरक्षण एवं संवर्धन भी होगा। आईए इस पोस्ट की मदद से इस पूरी खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

नंदनी कृषक समृधि योजना के तहत खोली जाएंगी डेयरी यूनिट

दरअसल, उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां की आधी से अधिक आबादी के जीविकोपार्जन का मुख्य स्रोत कृषि और पशुपालन है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र के कुल योगदान में पशुपालन का योगदान 29.3 प्रतिशत है। पशुधन विकास के क्षेत्र में अग्रणी एवं दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर होने के बावजूद प्रदेश में प्रति पशु उत्पादकता कम है। वहीं, यूपी में देशी गायों की दुग्ध उत्पादक क्षमता 3.6 किग्रा और भैंसों की उत्पादकता 5.02 किग्रा प्रतिदिन प्रति पशु है। इसका मुख्य कारण प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले दुधारू पशुओं की कमी है।

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इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की योगी सरकार पशुपालन के क्षेत्र में उद्यमिता विकास के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन चला रही है। जिसके तहत प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और मवेशियों की नस्ल में सुधार करने के लिए नंदिनी कृषक समृद्ध योजना को लॉन्च किया गया है। 

गोरखपुर समेत 10 जिलों में शुरू किया जा रहा है

फिलहाल, नंद बाबा मिशन के तहत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना को प्रदेश के गोरखपुर समेत 10 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। जिसमें गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, झांसी, मेरठ, आगरा एवं बरेली  मुख्यालय में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना की शुरूआत की गई। प्रथम चरण में योजना के तहत बरेली में चार डेयरी यूनिट खोलने की मंजूरी योगी सरकार ने दी है। परियोजना की इकाई लागत राशि 62 लाख रुपए हैं। इसमें योगी सरकार 31 लाख रुपए की सब्सिडी देगी।

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नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश का संवर्धन, पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, पशुपालकों के लिए उच्च क्षमता के गोवंश की उपलब्धता सुनिश्चित करना, रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा पशुपालकों की आय को बढ़ाना है। 

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प्रशासन स्थापित करेगा नस्ल सुधार केंद्र

बरेली की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि नंद बाबा मिशन के तहत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के माध्यम से बरेली में 4 डेयरी यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी भी मिल गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य पशुओं की नस्ल और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके तहत नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाया जाएगा। नस्ल सुधार केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिसमें गाय की एक ऐसी नस्ल को तैयार किया जाएगा जो 24 घंटे में 50 लीटर तक दूध देगी। उन्होंने कहा कि बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी बीएल कामधेनु फॉर्म्स और प्रशासन नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत दुधारू पशु स्थानांतरण तकनीक और आईवीएफ तकनीक के जरिए अत्यधिक नस्ल सुधार केंद्र स्थापित करेगा।

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इन केंद्रों पर डेयरी उत्पादों एवं पशुधन की उच्चतम गुणवत्ता विकसित की जाएगी। प्रदेश के डेयरी किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। 

पशुपालन या डेयरी संचालक इन प्रजातियों की गायों को रखेंगे

कमिश्नर ने बताया कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत पहले चरण में प्रदेश में 25 दुधारू गायों की कुल 35 डेयरी यूनिट खोली जाएंगी। पशुपालक या डेयरी संचालक थारपारकर, गिरी और साहीवाल नस्ल की दुधारू गायों को डेयरी में रखेंगे। बता दें कि योजना के तहत दुधारू गायों में साहीवाल, गिर, थारपारकर और गंगातीरी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। गंगातीरी नस्ल के गोवंशवाली इकाइयों में अधिकतम 5 गंगातीरी गोवंश अनुमन्य किया गया है। 

डेयरी खोलने के लिए होंगे आवेदन करे

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मेघश्याम बरेली ने बताया कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 27 सितंबर तक आवेदन होंगे। 30 सितंबर को हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। 20 अक्टूबर तक उनके अभिलेखों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में बीएल कामधेनु फॉर्म्स लिमिटेड की टीम ने इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

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योजना के तहत लाभार्थियों को इस तरह मिलेगा अनुदान

नंदिनी कृषक समृद्धि परियोजना के अंतर्गत दो विकल्प होंगे। जिसमें पहला 62 लाख 50 हजार रुपए इकाई लागत वाली डेयरी यूनिट में साहीवाल, गिर या थारपारकर प्रजाति के 25 गायों के लिए 1 लाख रुपये प्रति पशु के आधार पर आगणन किया जाएगा। 61 लाख रुपए की लागत वाली इकाई में साहीवाल, गिर या थारपारकर के साथ गंगातीरी नस्ल के अधिकतम 5 गायों के लिए गंगातीरी गाय का क्रय मूल्य 70 हजार रुपए प्रति गाय के आधार पर किया जाएगा।

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वहीं, शेष अन्य प्रजाति गोवंश के लिए यह दर 1 लाख रुपये प्रति गोवंश होगी। दोनों ही विकल्पों में परियोजना इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। यानी योजना के तहत 62 लाख 50 हजार रुपए वाली डेयरी इकाई 31 लाख 25 हजार रुपए और 61 लाख रुपए वाली यूनिट के लिए 30 लाख 50 हजार रुपए की राशि अनुदान के तौर पर मिलेगी।  इसके अलावा, इकाई खालने के लिए परियोजना लागत का 15 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा, जबकि 35 प्रतिशत वित्तपोषण बैंक लोन से होगा।

सवाल – डेयरी फार्मिंग के लिए नाबार्ड सब्सिडी योजना क्या है?

जवाव – स्वच्छ दूध के उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना को बढ़ावा देना । बछिया बछड़ा पालन को प्रोत्साहित करना जिससे अच्छे प्रजनन स्टॉक को संरक्षित किया जा सके ।

सवाल – केंद्र सरकार द्वारा डेयरी फार्मिंग के लिए कितनी सब्सिडी है?

जवाव – दो डेयरी गाय या भैंस की खरीद के लिए ₹2 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी.

सवाल – दूध डेयरी रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

जवाव – आपको जिले के नाबार्ड ऑफिस में जाना होगा.

सवाल – सब्सिडी वाला लोन कौन सा है?

जवाव – मुद्रा लोन सब्सिडी.

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